रीवा जिले की करहिया मंडी में खाद वितरण के दौरान हालात बेकाबू हो गए। टोकन वितरण में धांधली के आरोप लगाते हुए किसानों ने कर्मचारियों को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर किसानों को तितर-बितर किया और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हजारों की संख्या में किसान खाद के लिए लाइन में खड़े थे।
रीवा में खाद वितरण की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासनिक जांच में दो दुकानों के पीओएस मशीन में यूरिया और डीएपी का स्टॉक दर्ज था, लेकिन मौके पर कुछ भी नहीं मिला। अधिकारियों ने दोनों दुकानों को सीज कर दिया। खरीफ सीजन में किसानों को खाद की किल्लत झेलनी पड़ रही है और उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
रीवा जिले में खाद संकट गहराता जा रहा है। करहिया मंडी में यूरिया की मारामारी के बीच एक किसान का सिर फूट गया, जबकि गुढ़ में आक्रोशित किसानों ने पथराव कर दिया। पुलिस ने हालात संभाले और तीन किसानों को हिरासत में लिया। यूरिया की भारी कमी से किसानों में आक्रोश है, जबकि प्रशासन ने 22 अगस्त को नई रैक आने की उम्मीद जताई है।
रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों में किसानों को खरीफ सीजन में खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी बैंक द्वारा मार्कफेड की 10 करोड़ रुपये की राशि नहीं लौटाए जाने से खाद वितरण पर असर पड़ा है। यूरिया और डीएपी की डिमांड भेजी गई है, लेकिन रैक लोडिंग में देरी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
















